In between birth and death

Struggling to achieve unwanted goals, and walking to reach undecided destination

हमको आगे चलना होगा ! – hamako aage chalanaa hogaa ! February 21, 2006

Filed under: Art Culture,Hindi — rammanohar @ 10:23 am

हमको आगे चलना होगा

the_road_and_the_clouds.jpg

मेरी इस द्वेस को समझो,

दु:ख भरी इस भेष को समझो,

कल तक मैने तुझे माना था,

आज तुझे अब जाना है

 

मेरी ऐसी कोइ अभिलाषा न थी,

पाने की भी कोइ लाल्सा न थी,

पर खोना भी नहीं चाहते थे,

मन मे यही बडी उल्झन थी,

मन मे यही बडी उल्झन थी

 

देखा था बहुत सपना मैने,

खोना नहीं तुझे सोचा मैने,

रोना नही जब हो न तेरा साथ,

डरना नही जब हो न तेरा हाथ

 

पीछे नहीं अब लौटन मुझे,

आगे की अब सोच्ना है मुझे,

कल की वह बात थी सम्झो,

आज की इस हाल को सम्झो,

समय की इस काल को सम्झो,

बदले हुवे इस ताल को सम्झो,

सबके सामने है मजबुरी,

आगे रास्ता मे है मुस्किल पडीं

 

होगी तेरी भी कोइ मजबुरी,

बढाई होगी जो तुम्ने दुरी,

तुम्हारी भी कोइ आशा होगी,

तभी कमजोंड पडीं यह आस्था होगी,

दुर किया होगा तब यह रास्ता,

नहीं मिलने की अब होगी वास्ता

 

तुने भी तो कुछ सोचा होगा,

ईश्वर को कुछ पुछा होगा,

कैसा मेरा जीवन होगा,

जबाब तुझे कुछ मिला होगा,

 

आँखो के ये आंसू पोछो,

दर्द भरे ये बासु सम्झो,

हमको आगे चलना होगा,

हमको आगे चलना होगा

 

राम मनोहर साह 21 Feb 2006    

 

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