In between birth and death

Struggling to achieve unwanted goals, and walking to reach undecided destination

मेरी वोह कैसी होगी – meree woh kaisee hogee February 28, 2006

Filed under: Art Culture,Hindi,Uncategorized — rammanohar @ 6:46 pm

PS376.jpg

मेरी वोह कैसी होगी

~~~~~~~~~

किसी को खबर होगी,

कोइ तो बताओ,

मेरी वोह कैसी होगी,

कैसी है कँहा होगी

 

दिखती वोह होगी कैसी,

बोलती होगी खट्टी-मिठी,

हसती होगी सासे लेके,

चल्ती होगी सर झुका के,

पढ्ती होगी राते लगा के

 

दिखती होगी परी जैसी,

नाक थोडी लम्बी मोटी,

आँखे उसकी होगी काली,

काले घने लम्बे बाल,

दिम्पल बाली चौडे गाल

 

गुलाबी उसके होंट पे होंगे

बर्फ़ ने दि होंगे रंगे,

जल्ती दिया जैसे सौम्य,

घने बादल बरस्ते बाल,

ह्र्दय होगे बडे बिशाल,

धिरज दी होगी धर्ती,

हवाँ से बाते करती होगी,

चाँद ने कि होगी सर्मिन्दगी,

हिम्सिखर जितनी होगी लम्बै,

सागर जितनी मन हो गहरी,

मेरी वोह कैसी होगी,

मेरी वोह कैसी होगी !!!

 

राम मनोहर

25-Feb-2006

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