In between birth and death

Struggling to achieve unwanted goals, and walking to reach undecided destination

ek sannaata hai kahee !! एक सन्नाटा है कहीं August 14, 2006

Filed under: मेरी कविताए,Hindi,Poem — rammanohar @ 1:16 pm

दौड रहा है हर कोई,
मुकाम है न आगे कहीं,
एक सन्नाटा है कहीं !!

लडे झगडे है हर कोई,
रहगए लेकिन खाली मुठ्ठी,
एक सन्नाटा है कहीं !!

बोल रहा है हर कोई,
पहुच न पाईँ आवाज कहीं,
एक सन्नाटा है कहीं !!

देख रहा है हर कोई,
खुद को पहचाना कभी नहीं,
एक सन्नाटा है कहीं !!

सो रहीं है हर कोई,
बेचैन मन है और कहीं,
एक सन्नाटा है कहीं !!

पोथी पढे है हर कोई,
सुल्झा न पाईँ रहस्यमय गुथ्थीं,
एक सन्नाटा है कहीं !!

राम मनोहर
14 Aug 2006

 

rishte itane kamajor nahee hote !! रिश्ते इतने कमजोर नहीं होते August 10, 2006

Filed under: मेरी कविताए,Hindi,Poem — rammanohar @ 10:38 pm

रिश्ते इतने कमजोर नहीं होते
कच्चे धागे के डोर नहीं होते
कि, हलकी नोकझोंक मे टूट जाये !!

रिश्ते इतने कमजोर नहीं होते
सूखे पत्ते के छोर नहीं होते
कि, हलकी हवा से अलग हो जाये !!

रिश्ते इतने कमजोर नहीं होते
ताश के बने घर नहीं होते
कि, हलकी हलचल मे बिखर जाये !!

रिश्ते इतने कमजोर नहीं होते
रेत के बने महल नहीं होते
कि, हलकी बरिश मे बह जाये !!

राम मनोहर
15 July 2006

 

Naach rahe hai maihfil !! नाच रही है मैहफिल

Filed under: मेरी कविताए,Hindi,Poem — rammanohar @ 10:02 pm

आज इतने रंगीन फिजा है
इस्क मे बेह्क जाने को दिल करता है !!

भरी पडीं है मैयखाना
मदिरा के प्याला मे डुब ने को जी करता है !!

नशे मे है सारी दिशाये
मैयखाना मे पिघलजाने को मान मचलता है !!

नाच रही है मैहफिल
बैंहकी फिंजा मे झुमने को दिल करता है !!

आँखे ढूढ रहीं है किसी को
हूस्न के बाहो मे मचल्ने को दिल करता है !!

कबतक हम ऐसे बचते रहेंगे
किसी शमा के हातो लुटने को दिल करता है !!

राम मनोहर
15 July 2006

 

Dard Hai yeh Tumhara !! दर्द है यह् तुम्हारा

Filed under: मेरी कविताए,Hindi,Poem — rammanohar @ 4:59 pm

दर्द है यह तुम्हारा
तुम्हारा कोइ दोष नहीं !!

नशे मे रहता हूँ हमेशा
अब तो कोइ होश नहीं !!

बचेगी कैसे यह चोरी
नशे कि लत मुझको पडी !!

कटेगीं कैसे यह घड़ी
तुम्हारी यादे है सिर चढी !!

छोडू मै कैस यह यादे
जीना है मुझको आगे !!

राम मनोहर
10-August-2006