In between birth and death

Struggling to achieve unwanted goals, and walking to reach undecided destination

aashu ne saath chhod diya hai – आँसू ने साथ छोंड दिया है October 18, 2006

Filed under: मेरी कविताए,Hindi — rammanohar @ 9:51 pm

दर्द ने कसम खाँइ है, मगर हम भीं कोइ कम नहीं !
आसूँ कि नदिया निकालेंगे, मगर मुडेंगे पिछे हम नहीं !
बता देंगे उसको भी, जिने कि बहानें है कम नहीं !
पछाडेंगे दर्द को जरुर एक दिन, है जिंन्दगी के दिन कम नहीं !

कर लो ऐ दर्द जो भी अभी, बचीं नहीं आहट मुँह् कि अब कोइ !
आँसू ने साथ छोंड दिया है मेरा, तु क्या अब बिगाडेंगा अकेला !
ठहैर जाँ थोंडा, बदलने दे दिन थोंडा,
भाग जाएँगा तु भी, साथ नहीं निभा पाएँगा मेरा !

Ram Manohar

Oct 19, 2006

Advertisements